मिलेट से रोजगार तक: CSVTU के कार्यक्रम में महिला उद्यमिता और स्टार्टअप को बढ़ावा

रायपुर, 9 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), भिलाई द्वारा भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), दुर्ग परिसर में ‘महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के साथ प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति और युवा नवाचार को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने 72 महिला स्व-सहायता समूहों (SHG) को मिलेट हेल्थ कार्ट और 24 स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट वितरित की।

‘नारी शक्ति और युवा नवाचार से बनेगा नया छत्तीसगढ़’
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और स्वरोजगार के माध्यम से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और तकनीकी ज्ञान की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब वह समाज की जरूरतों से जुड़कर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करे।
उन्होंने कहा कि मिलेट यानी मोटे अनाज के माध्यम से महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है। छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा में मोटे अनाज का विशेष महत्व रहा है और अब ‘श्री अन्न’ पोषण के साथ ग्रामीण परिवारों और महिला उद्यमियों के लिए आय का माध्यम भी बन रहा है।
72 महिला समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट
महिला स्व-सहायता समूहों को दिए गए मिलेट हेल्थ कार्ट के माध्यम से उन्हें एक सक्षम व्यावसायिक इकाई के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए महिलाओं को मिलेट उत्पाद निर्माण, FSSAI मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण, व्यवसाय प्रबंधन और मार्केटिंग से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

राज्यपाल ने कहा कि जब महिला आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनती है तो इससे पूरा परिवार मजबूत होता है और समुदाय में भी आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने महिला समूहों के पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
24 स्टार्टअप्स को 50 लाख की इग्निशन ग्रांट
कार्यक्रम में 24 नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट प्रदान की गई। राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार की राह में असफलताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन उनसे सीखकर लगातार आगे बढ़ना ही सफल उद्यमी की पहचान है।
उन्होंने CSVTU के ग्रामीण तकनीक और उद्यमिता से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय का CSVTU-FORTE (Foundation for Rural Technology and Entrepreneurship) आने वाले समय में ग्रामीण उद्यमिता, महिला स्वावलंबन और तकनीकी नवाचार का मजबूत केंद्र बनेगा।
महिला SHG से गांवों में बढ़ीं आर्थिक गतिविधियां
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं श्रम, कौशल और उद्यमशीलता की मिसाल पेश कर रही हैं। महिला स्व-सहायता समूहों ने ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है। अब इन समूहों को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़कर उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की जरूरत है।

सांसद विजय बघेल ने मिलेट को जन-जन तक पहुंचाने पर दिया जोर
सांसद विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से मिलेट को ‘श्री अन्न’ के रूप में पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ महिला समूहों को जोड़कर मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों को जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए।
दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने आयोजन को विकसित भारत निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि SHG के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, जबकि स्टार्टअप के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने कहा कि स्टार्टअप योजना छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम को दुर्ग महापौर अल्का बाघमार और सहकार भारती के कलीराम शर्मा ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत CSVTU के कुलपति डॉ. अरुण अरोड़ा के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने आयोजन के उद्देश्यों के साथ महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास और नवाचार के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

