Khelo India | Weightlifter Babulal makes a grand entry after defeating poverty
रायपुर। झारखंड के छोटे से गांव से निकला एक लड़का आज देश के लिए मेडल जीत रहा है। नाम है बाबूलाल हेम्ब्रम… और कहानी बिल्कुल फिल्म जैसी।
पैसे नहीं थे, जिम नहीं था, तो बाबूलाल ने बांस और लोहे की रॉड से ही प्रैक्टिस शुरू कर दी। रोज 60 किलोमीटर सफर करके ट्रेनिंग ली और आज नतीजा सामने है खेलो इंडिया से लेकर इंटरनेशनल तक मेडल पर मेडल।
2024 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में गोल्ड, फिर एशियन और वर्ल्ड लेवल पर भी चमक… और अब सीनियर टीम में जगह बनाने की तैयारी। हाल ही में ट्राइबल गेम्स 2026 में सिल्वर जीतकर फिर साबित कर दिया कि ये खिलाड़ी रुकने वाला नहीं है।
घर की हालत आज भी आसान नहीं मां स्कूल में खाना बनाती हैं, पिता छोटे-मोटे काम करते हैं। लेकिन बाबूलाल का सपना बड़ा है भारत के लिए कॉमनवेल्थ, एशियन और वर्ल्ड लेवल पर तिरंगा लहराना।