नीरज उपाध्याय/केशकाल:- कांग्रेस पार्टी में इन दिनों आपसी खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। केशकाल में बीते दिनों छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के स्वागत में हुई गुटबाजी की खबर के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारा 5 पदाधिकारियों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस से खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। कांग्रेस RGPRS के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नेताम और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीताम्बर नाग ने इस नोटिस को अवैधानिक करार देते हुए इस पर आपत्ति जाहिर की है। इनका कहना है कि जब हमारी नियुक्ति राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर से हुई है तो कांग्रेस जिलाध्यक्ष को नोटिस भेजने का कोई अधिकार नहीं है। यदि कोई शिकायत थी तो पहले संगठन की बैठक कर चर्चा की जानी चाहिए थी। लेकिन हमारी सहमति के बगैर दुर्भावनापूर्ण ढंग से एकपक्षीय कार्यवाही करना गलत है।
इस सम्बंध में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश नेताम ने बताया कि कांग्रेस पार्टी में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है। हमारे जिलाध्यक्ष जी के द्वारा 5 पदाधिकारियों को नोटिस जारी करना अनुचित है। चूंकि सचिन पायलट जी के आगमन पर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने अलग से स्वागत कार्यक्रम रखा था। संगठन का मुखिया होने के नाते हम भी कार्यकर्ताओं के मंच के सामने खड़े होकर साथ खड़े होकर अपने नेताओं के जिंदाबाद का नारा लगा रहे थे। इसमें किसी भी प्रकार की पार्टी विरोधी गतिविधि नहीं हुई है।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नेताम ने कहा कि मेरी नियुक्ति अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी दिल्ली से हुई है। ऐसे में कोंडागांव कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष द्वारा मुझ पर पार्टी विरोधी गतिविधि करने और पार्टी की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। वैसे भी यह कांग्रेस परिवार का अंदरूनी मामला है, यदि जिलाध्यक्ष जी को कोई शिकायत थी तो पहले उन्हें हमसे बैठक कर चर्चा करना चाहिए था। लेकिन उन्होंने दुर्भावनापूर्ण एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए हमें नोटिस जारी कर दिया है। इसलिए मैं इस नोटिस का कोई जवाब देना उचित नहीं समझता।
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पीतांबर नाग का कहना है कि मैंने एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष के साथ चर्चा कर यह निर्णय लिया था कि हम संयुक्त रूप से माननीय सचिन पायलट जी का स्वागत कार्यक्रम करेंगे। और हमने मंच के सामने गर्मजोशी के साथ पायलट जी का स्वागत भी किया। इस पर यदि नोटिस जारी होना था तो नोटिस प्रदेश पदाधिकारी के द्वारा किया जाता। कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष जी को हमें नोटिस देने का अधिकार नहीं है।