जनगणना 2027: क्या है सेल्फ-एन्यूमरेशन, कैसे करें रजिस्ट्रेशन? पहली बार डिजिटल जनगणना से खुद भर सकेंगे जानकारी

भारत में जनगणना 2027 का शंखनाद हो चुका है और इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होने जा रही है। यह न केवल भारत की पहली ‘पूरी तरह से डिजिटल जनगणना’ है, बल्कि इसमें पहली बार आम नागरिकों को ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ (Self-Enumeration) यानी खुद से अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा दी गई है।

इसका सीधा मतलब यह है कि अधिकारियों के घर आने का इंतज़ार करने के बजाय, अब आप खुद पोर्टल पर जाकर अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकते हैं।

इसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से हो चुकी है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरी प्रक्रिया और आपके राज्य में इसके लिए कब विंडो खुलेगी।

What Is Self-Enumeration: क्या है ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ और इसके फायदे?

इस बार जनगणना में सरकारी कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा कलेक्ट करेंगे। इससे पेपरवर्क खत्म होगा और डेटा प्रोसेसिंग भी तेजी से होगी।यह एक वेब-आधारित सुविधा है जो नागरिकों को गणना अधिकारी (Enumerator) के घर आने से पहले अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भरने की अनुमति देती है। इससे आप अपनी जानकारी खुद भरते हैं, जिससे गोपनीयता बनी रहती है। इससे जानकारी में गलती की गुंजाइश कम होती है और समय की बचत भी होगी।

पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in/ पर लॉगिन करें।

राज्य चुनें: अपना राज्य/केंद्र शासित प्रदेश चुनें और कैप्चा (Captcha) भरें।

लॉगिन विवरण: परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल (वैकल्पिक) दर्ज करें।

OTP वेरिफिकेशन: मोबाइल पर आए ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें।

भाषा चुनें: आप अपनी सुविधा के अनुसार अंग्रेजी या 15 अन्य भारतीय भाषाओं में से किसी एक को चुन सकते हैं।

फॉर्म भरें: जनगणना फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां भरें और सबमिट करें।

ID सुरक्षित रखें: सबमिट करने के बाद आपको 11 अंकों की एक ‘सेल्फ-एन्युमरेशन ID’ (H से शुरू होने वाली) मिलेगी। इसे संभाल कर रखें।

अधिकारी को दिखाएं: जब गणना अधिकारी आपके घर वेरिफिकेशन के लिए आए, तो उसे यह ID दे दें।

Census 2027 के दो चरण: क्या-क्या पूछा जाएगा?

पहला चरण अप्रैल – सितंबर 2026 से शुरु होगा। इसमें मकानों की सूची और हाउसिंग से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। जैसे- मकान का प्रकार, पीने का पानी, शौचालय, बिजली, इंटरनेट एक्सेस, और आपके पास मौजूद संपत्तियां (कार, टीवी, कंप्यूटर आदि)।

दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इसमें व्यक्तिगत विवरण मांगे जाएंगे, जैसे- जाति, धर्म, शिक्षा, भाषा, व्यवसाय और विवाहित महिलाओं के लिए प्रजनन क्षमता से जुड़े विवरण। गौरतलब है कि बर्फबारी वाले क्षेत्रों जैसे जम्मू कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में यह चरण सितंबर 2026 में ही हो जाएगा।

Census 2027 Phase Date: सेल्फ-एन्युमरेशन विंडो के लिए अपने राज्य की तारीखें चेक करें

Self-Enumeration की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है, लेकिन हर राज्य के लिए तारीखें अलग-अलग तय की गई हैं।

विभिन्न राज्यों में यह सुविधा अलग-अलग तारीखों पर उपलब्ध होगी:

1 – 15 अप्रैल: कर्नाटक, गोवा, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम, दिल्ली (NDMC और कैंट), अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप।

17 अप्रैल – 1 मई: बिहार। 1 – 15 मई: महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, मेघालय, दिल्ली (MCD)। 7 – 21 मई: उत्तर प्रदेश। 16 – 30 जून: केरल, नगालैंड।

1 – 15 जून: हिमाचल प्रदेश। अगस्त: असम (2-16) और मणिपुर (17-31)।

पश्चिम बंगाल में चुनाव के कारण जनगणना के लिए तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।

बता दें कि, भारत में जनगणना हर 10 साल में होती है, लेकिन 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण टाल दी गई थी। अब इसे 2027 में डिजिटल स्वरूप में कराया जा रहा है। चूंकि सारा डेटा डिजिटल ऐप के जरिए इकट्ठा होगा, इसलिए उम्मीद है कि 2027 के अंत तक आंकड़े भी जारी कर दिए जाएंगे।

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