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मलेरिया से मौतों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर 31 जुलाई 2026 कांकेर जिले में मलेरिया से हुई मौतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट मोड पर काम करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि भविष्य में मलेरिया से मौतों की पुनरावृत्ति होने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में मलेरिया के अधिक मामले सामने आ रहे हैं, वहां नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, सतत निगरानी और तत्काल रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगातार सक्रिय रहें और किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी बिना देरी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं।

आश्रम-छात्रावासों में नियमित स्वास्थ्य जांच के निर्देश

बैठक में कलेक्टर ने सभी आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मलेरिया के साथ-साथ डायरिया, टायफाइड और पीलिया जैसी मौसमी बीमारियों के लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर विद्यार्थियों और शिक्षकों के सैंपल लिए जाएं।

साथ ही आशा कार्यकर्ताओं (मितानिन) की दवा पेटियों में सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध रखने और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी देने से बचने के निर्देश भी दिए गए।

दो माह तक सर्वोच्च प्राथमिकता पर चलेगा अभियान

कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार मलेरिया से हो रही मौतों को लेकर बेहद गंभीर है। स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव स्तर पर भी लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को अगले दो माह तक मलेरिया नियंत्रण अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और शासन के सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन करने को कहा।

19,844 जांच में मिले 672 मलेरिया मरीज

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि जुलाई और अगस्त में मलेरिया के मामले अधिक सामने आते हैं। विभाग द्वारा आश्रम-छात्रावासों में रैपिड फीवर सर्वे (RFS) चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अब तक 19,844 लोगों के सैंपलों की जांच की गई, जिनमें 672 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। सभी मरीजों का तत्काल उपचार किया गया है। अंतागढ़, भानुप्रतापपुर और कांकेर विकासखंड में अपेक्षाकृत अधिक मामले सामने आए हैं।

35 हजार दवा-लेपित मच्छरदानियों का वितरण

स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 35 हजार दवा-लेपित मच्छरदानियां वितरित की गई हैं। इसके अलावा जलभराव वाले क्षेत्रों और पेयजल स्रोतों के आसपास दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। डेंगू, जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) और फाइलेरिया की भी लगातार निगरानी की जा रही है तथा संवेदनशील गांवों में स्वास्थ्य अमला तैनात किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार या किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

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