करम परब से नई पीढ़ी को जोड़ने की जरूरत, मुख्यमंत्री साय ने बताई सांस्कृतिक विरासत की अहमियत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुधवार को राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम परिसर में आयोजित करम पूजा परब 2026 में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रायपुर जिले के गनोद गांव में उरांव समाज के लिए 50 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण कराने की घोषणा भी की।
प्रकृति, सामाजिक एकता और परंपराओं का प्रतीक है करम परब
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि करम परब छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। यह पर्व प्रकृति के प्रति आस्था, प्रेम और सम्मान की भावना को दर्शाता है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की जो परंपरा विकसित की, करम परब उसी जीवनदर्शन का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति संरक्षण, सामाजिक एकता और सामूहिक जीवन के मूल्यों से जोड़ता है। छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपर्वों और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव से है। विभिन्न जनजातीय समाजों ने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सहेजकर रखा है।
नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव मनाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनमें पूर्वजों का ज्ञान, जीवनमूल्य और समाज को एकजुट रखने की भावना समाहित है। इन परंपराओं को जीवंत बनाए रखना और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना भी आवश्यक है। नई पीढ़ी जब अपनी भाषा, लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक पर्वों से जुड़ी रहेगी, तभी हमारी सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सकेगी।
मुख्यमंत्री ने उरांव समाज द्वारा सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि करम परब जैसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाते हैं और आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सामाजिक सद्भाव को मजबूत करते हैं।
गनोद में 50 लाख रुपये से बनेगा सामुदायिक भवन
करम पूजा परब के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिले के गनोद गांव में उरांव समाज के लिए 50 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस भवन से समाज के लोगों को सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही, समाज के लोग अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विविध जनजातीय परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार हैं। इनमें प्रकृति के प्रति सम्मान, सामूहिकता, परस्पर सहयोग और सामाजिक समरसता का संदेश निहित है।

करम पूजा परब की दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित लोगों को करम पूजा परब की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत ही हमारी पहचान और शक्ति है। उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे की भावना निरंतर मजबूत होती रहे।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी, समाज प्रमुख बिंदेश्वर भगत, उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठजन, सदस्य और बड़ी संख्या में समाज के परिवारजन उपस्थित रहे।

