कथित धर्मांतरण मामले में रायपुर में पहली FIR का दावा, पुलिस जांच में जुटी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कथित धर्मांतरण को लेकर शनिवार रात विवाद की स्थिति बन गई। न्यू आनंद नगर क्षेत्र के एक युवक ने तीन महिलाओं पर प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, घटना की जानकारी सामने आने के बाद हिंदू संगठन से जुड़े लोग खमतराई थाने पहुंचे। इसके बाद मसीही समाज के लोग भी विरोध जताने थाने पहुंच गए। दोनों पक्षों की मौजूदगी के चलते देर रात तक थाना परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही।
तीन महिलाओं पर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक गांधी चौक न्यू आनंद नगर निवासी 32 वर्षीय तरेन्द्र कुमार वर्मा मोबाइल दुकान संचालित करते हैं। उनकी पहचान सुषमा कौशिक, लक्ष्मी निषाद और सुरेखा रंगारे से पहले से बताई जा रही है। तीनों महिलाओं का तरेन्द्र की मोबाइल दुकान पर आना-जाना था।
तरेन्द्र ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि तीनों महिलाओं ने हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक बातें कीं और उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिलाओं ने यीशु की प्रार्थना करने से दुख-दर्द और बीमारी दूर होने की बात कही।
प्रार्थना सभा में शामिल होने का दावा
शिकायत के अनुसार, सुषमा ने तरेन्द्र को अपने घर में आयोजित प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए बुलाया था। तरेन्द्र का दावा है कि वह 21 अगस्त को दोपहर करीब 2:30 बजे वहां पहुंचा, जहां लगभग 20 से 25 लोग प्रार्थना कर रहे थे।
आरोप है कि इसी दौरान सुषमा, लक्ष्मी और सुरेखा ने उसे ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा और प्रार्थना की शक्तियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद तरेन्द्र ने घटना की जानकारी अपने दोस्तों को दी और पुलिस में शिकायत की।
थाने पहुंचे दोनों पक्ष, बनी तनाव की स्थिति
मामले की जानकारी सामने आने के बाद हिंदू संगठन से जुड़े लोग तीनों महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर खमतराई थाने पहुंचे। इसी दौरान मसीही समाज के लोग भी थाने पहुंच गए और मामले को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
दोनों पक्षों की मौजूदगी के कारण थाना परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों से मिली शिकायतों के आधार पर कार्रवाई शुरू की।
दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की FIR
पुलिस के अनुसार मामले में दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने के साथ घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
धर्म स्वातंत्र्य कानून के तहत पहली FIR होने का दावा
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून के तहत रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में यह पहली एफआईआर है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रार्थना सभा में वास्तव में क्या हुआ और क्या किसी व्यक्ति पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव या किसी तरह का प्रलोभन दिया गया था।
फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा और तनाव का माहौल है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और बयानों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


