
काराकास/नई दिल्ली। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक राजधानी काराकास समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, बिजली और पेट्रोल आपूर्ति प्रभावित हुई है तथा हजारों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 32 लोगों की मौत और करीब 700 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, हालांकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि मृतकों की संख्या काफी अधिक हो सकती है।
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम स्थानीय समयानुसार 6:04 बजे एक मिनट से भी कम अंतराल में दो बड़े भूकंप दर्ज किए गए। पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जिसका केंद्र याराकुई राज्य के सैन फेलिपे क्षेत्र में बताया गया। इसके केवल 39 सेकंड बाद दूसरा और अधिक शक्तिशाली 7.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने पूरे उत्तरी वेनेज़ुएला को झकझोर दिया।
10 हजार से अधिक मौतों की आशंका
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने आशंका जताई है कि दूसरे शक्तिशाली भूकंप के बाद हालात गंभीर हो सकते हैं। एजेंसी के मुताबिक लगभग 44 प्रतिशत संभावना है कि मृतकों की संख्या 10 हजार से अधिक पहुंच सकती है। हालांकि अभी राहत और बचाव कार्य जारी हैं और अंतिम आंकड़े सामने आना बाकी हैं।
सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में काराकास, ला गुआरिया, अरागुआ, कराबोबो और फाल्कन क्षेत्र शामिल हैं। राजधानी काराकास के कई इलाकों में बहुमंजिला इमारतों में दरारें आई हैं जबकि कुछ इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं।
सरकार ने घोषित किया आपातकाल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने नागरिकों से शांत रहने और एकजुट होकर इस संकट का सामना करने की अपील की।
सरकार ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए विशेष आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया है। गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने लोगों से तत्काल अपने घर खाली करने और खुले स्थानों में रहने की अपील की है क्योंकि आफ्टरशॉक्स का खतरा बना हुआ है।
एयरपोर्ट बंद, लगातार आ रहे झटके
भूकंप के कारण वेनेज़ुएला का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सिमोन बोलिवार एयरपोर्ट आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। एयरपोर्ट का एक हिस्सा ढहने के बाद उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार मुख्य भूकंप के बाद अब तक 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है। हजारों लोग अभी भी घरों से बाहर सड़कों और खुले मैदानों में शरण लिए हुए हैं।
अमेरिका ने भेजी राहत टीम, भारत ने जताई संवेदना
इस आपदा के बाद अमेरिका ने तुरंत राहत सहायता भेजने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका वेनेज़ुएला में खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता भेज रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका संकट की इस घड़ी में वेनेज़ुएला के लोगों के साथ खड़ा है और हर संभव मदद देगा।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेज़ुएला के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
क्यों आया इतना शक्तिशाली भूकंप?
विशेषज्ञों के अनुसार वेनेज़ुएला कैरिबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट के जंक्शन पर स्थित है। इन दोनों टेक्टोनिक प्लेटों के बीच अचानक तेज हलचल के कारण इतना शक्तिशाली भूकंप आया। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और तेज झटके महसूस हो सकते हैं।
फिलहाल राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के काम में जुटी हैं, जबकि दुनिया की नजर अब वेनेज़ुएला में जारी इस बड़े मानवीय संकट पर टिकी हुई है।