रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अब केवल जनसंवाद कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह जनता की मांगों को त्वरित रूप से पूरा करने वाला प्रभावी प्रशासनिक अभियान बनता दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं और विकास संबंधी मांगों के समाधान के लिए तेजी से निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा सरगुजा जिले के दौरे के दौरान की गई कई घोषणाओं को अब प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि सुशासन तिहार का उद्देश्य सिर्फ लोगों की समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि तय समयसीमा में समाधान सुनिश्चित करना है। सरगुजा जिले में हाल ही में इसका एक स्पष्ट उदाहरण देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीणों से किए गए वादों पर तत्काल कार्रवाई की गई है।
सरगुजा दौरे के दौरान हुई थीं घोषणाएं
उल्लेखनीय है कि 3 मई 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के तहत सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे थे। यहां आयोजित जन चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों, विकास कार्यों तथा स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली।
ग्रामीणों द्वारा पंचायत भवन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) भवन और मुक्तिधाम जैसी आधारभूत सुविधाओं की मांग रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही इन मांगों को स्वीकार करते हुए आवश्यक निर्माण कार्य कराने की घोषणा की थी।
घोषणाओं पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बाद जिला प्रशासन ने बिना देरी किए संबंधित निर्माण कार्यों को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब इन विकास कार्यों को जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है।
ग्राम सिलमा में विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के तहत कई निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसमें डीएमएफ (जिला खनिज न्यास निधि) और मनरेगा के संयुक्त वित्तीय प्रावधान से 18.30 लाख रुपये की लागत से नया पंचायत भवन बनाया जाएगा।
इसके अलावा डीएमएफ मद से 2.50 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम निर्माण को मंजूरी दी गई है। वहीं मनरेगा मद से 11.63 lakh रुपये की लागत से नया पीडीएस भवन निर्माण भी स्वीकृत किया गया है।
कुनकुरीकला में भी पंचायत भवन निर्माण
सिर्फ सिलमा ही नहीं, बल्कि सरगुजा जिले के ग्राम कुनकुरीकला को भी विकास कार्यों की सौगात मिली है। यहां डीएमएफ और मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई है।
प्रशासन का कहना है कि इन कार्यों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर त्वरित कार्रवाई होने से ग्रामीणों में संतोष और उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि शासन केवल घोषणाएं नहीं कर रहा, बल्कि जनता की मांगों पर तुरंत कार्रवाई भी हो रही है। उनके अनुसार सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार और प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंचकर समस्याओं को सुन रहा है और समाधान सुनिश्चित कर रहा है।
सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर मजबूत
राज्य सरकार का कहना है कि सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से प्राप्त मांगों और शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासनों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
सरकार का मानना है कि विकास योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब वह समय पर आम नागरिकों तक पहुंचे। सरगुजा में हुई यह त्वरित कार्रवाई इस बात का संकेत है कि राज्य में सुशासन की अवधारणा अब केवल नीति तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू होती दिखाई दे रही है।