
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लेने जा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य सड़कों की निगरानी को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और प्रभावी बनाना है, ताकि समय रहते खराब सड़कों की पहचान कर उनकी मरम्मत सुनिश्चित की जा सके।
इस संबंध में उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत प्रदेश की सभी पीएमजीएसवाई सड़कों का प्रत्येक माह वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष रूप से एआई आधारित मोबाइल एप और डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इस तकनीक के माध्यम से सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल), दरारों और अन्य क्षतियों की स्वतः पहचान की जाएगी। प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, जिससे निरीक्षण प्रक्रिया अधिक सटीक और विश्वसनीय बनेगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना के रखरखाव में बड़ा बदलाव ला सकता है। एआई से प्राप्त डेटा के आधार पर उन सड़कों की प्राथमिकता तय की जाएगी, जिनकी स्थिति सबसे अधिक खराब है। इसके बाद उपलब्ध बजट के अनुरूप मरम्मत एवं संधारण की कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्य शीघ्र शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और सड़कों की मरम्मत समय पर होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा। साथ ही नियमित निगरानी के कारण सड़कें लंबे समय तक अच्छी स्थिति में बनी रहेंगी।
राज्य सरकार इस नई प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी। इसके लिए शनिवार से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की जाएगी। प्रारंभिक चरण में प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित पीएमजीएसवाई सड़क का एआई आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इन परीक्षणों से प्राप्त परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। यदि व्यवस्था सफल रहती है तो इसे प्रदेश की सभी पीएमजीएसवाई सड़कों पर लागू किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार एआई आधारित निरीक्षण प्रणाली से सड़क की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की गलत या भ्रामक रिपोर्टिंग की संभावना कम होगी। साथ ही सड़क रखरखाव की निगरानी अधिक व्यवस्थित ढंग से की जा सकेगी।
बैठक के दौरान सड़क संधारण, गुणवत्ता नियंत्रण तथा तकनीकी निगरानी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नई तकनीक के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं, ताकि पायलट प्रोजेक्ट के बाद इसे बिना किसी विलंब के व्यापक स्तर पर लागू किया जा सके।
समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सचिव भीम सिंह, सचिव धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के संचालक अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राज्य सरकार का मानना है कि एआई आधारित निगरानी प्रणाली के लागू होने से ग्रामीण सड़क नेटवर्क के रखरखाव में तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, मरम्मत कार्यों में तेजी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुरक्षित सड़क सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।