
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच सियासी बयानबाजी अब खुली बहस की ओर बढ़ती नजर आ रही है। विजय शर्मा की बहस की चुनौती को भूपेश बघेल ने स्वीकार कर लिया है। अब 15 तारीख को दोनों नेताओं के आमने-सामने चर्चा की संभावना जताई जा रही है।
भूपेश बघेल ने कहा कि उन्होंने पहले ही बहस की चुनौती दी थी। विजय शर्मा ने 15 तारीख का समय दिया है, इसलिए वे चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि स्थान और समय तय किया जाए, वे अपने साथ कांग्रेस के नेताओं के साथ चर्चा के लिए पहुंचेंगे।
पीएम आवास के आंकड़ों पर क्या है विवाद?
दरअसल, विवाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत और पूर्ण किए गए मकानों के आंकड़ों को लेकर शुरू हुआ है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा का दावा है कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया था। सरकार के अनुसार इनमें से 11 लाख से अधिक पीएम आवास-ग्रामीण पूरे किए जा चुके हैं।
विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर पीएम आवास को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्हें किसी भी मंच पर बहस की चुनौती दी थी।
भूपेश बघेल ने उठाए आंकड़ों पर सवाल
वहीं, भूपेश बघेल का कहना है कि पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग जगह अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में 18 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत होने की बात कही गई है, जबकि संसद में अलग आंकड़े बताए गए हैं।
बघेल ने यह भी दावा किया कि प्रदेश में 11 लाख से अधिक आवास पहले ही बन चुके थे, जिनमें पिछली सरकारों के कार्यकाल में बने मकान भी शामिल हैं। उनके मुताबिक कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब 7 लाख आवास स्वीकृत कराए गए थे।
15 तारीख को हो सकती है खुली बहस
अब विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर खुली बहस की चर्चा तेज हो गई है। भूपेश बघेल के चुनौती स्वीकार करने के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि क्या 15 तारीख को दोनों नेता एक ही मंच पर आमने-सामने बैठकर पीएम आवास के आंकड़ों पर अपना-अपना पक्ष रखेंगे।
यदि यह बहस होती है तो छत्तीसगढ़ की राजनीति में इसे एक अहम सियासी घटनाक्रम माना जा सकता है।