CG Seva Setu Portal: सेवा सेतु से घर बैठे मिला विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, केशकाल के मुकेश नेताम ने साझा किया अनुभव

कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ सरकार की डिजिटल सुशासन (Digital Governance) पहल आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को पहले से कहीं अधिक तेज, पारदर्शी और सुलभ बना रही है। इसका ताजा उदाहरण कोण्डागांव जिले के जनपद पंचायत केशकाल अंतर्गत ग्राम खुटपदर के निवासी मुकेश कुमार नेताम और उनकी पत्नी मेहतरीन नेताम हैं, जिन्हें सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ।
सरकारी योजनाओं के लिए थी प्रमाण पत्र की जरूरत
मुकेश कुमार नेताम को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने और अन्य आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रियाओं के लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। पहले इस प्रमाण पत्र के लिए सरकारी कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ जाते थे।
लेकिन सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने ऑनलाइन आवेदन करने का निर्णय लिया।
ऑनलाइन आवेदन, तय समय में मिला प्रमाण पत्र
मुकेश नेताम ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ सेवा सेतु पोर्टल पर विवाह पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल रही। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद निर्धारित समय-सीमा में उनका विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें किसी भी सरकारी कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़े, जिससे समय और अनावश्यक खर्च दोनों की बचत हुई।
मुकेश नेताम बोले— अब सरकारी सेवाएं पहले से ज्यादा आसान
मुकेश कुमार नेताम ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाएं प्राप्त करना अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। घर बैठे आवश्यक दस्तावेज मिलने से उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा हो रही है।
उन्होंने जिले के अन्य नागरिकों से भी अधिक से अधिक सेवा सेतु पोर्टल का उपयोग करने की अपील करते हुए राज्य शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
डिजिटल सुशासन की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
राज्य सरकार का उद्देश्य सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को सरकारी सेवाएं ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है। इससे न केवल लोगों का समय बच रहा है, बल्कि सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ भी कम हो रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए शासन और नागरिकों के बीच की दूरी भी तेजी से घट रही है।
