विशेष लेख: दशकों का अंधेरा खत्म! चांगेर के 23 घरों तक पहली बार पहुंची बिजली

रायपुर, 13 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीणों के जीवन में बदलाव ला रहा है। इसी कड़ी में कोण्डागांव जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित अति दुर्गम ग्राम चांगेर में आजादी लगभग 8 दशकों में पहली बार बिजली पहुंची है। चांगेर गांव के 23 घरों तक पहली बार बिजली पहुंची है। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से 25.21 लाख रुपये की लागत से कराए गए विद्युतीकरण कार्य से वर्षों से बिजली की सुविधा से वंचित परिवारों को राहत मिली है।
प्रशासन के अनुसार, आजादी के बाद पहली बार गांव में बिजली पहुंचने से ग्रामीणों को रोशनी के साथ शिक्षा, घरेलू कामकाज और दैनिक जीवन में सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
25.21 लाख रुपये से हुआ विद्युतीकरण
चांगेर गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने DMF मद से विद्युतीकरण कार्य कराया। इसके तहत गांव के सभी 23 घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। लंबे समय से बिजली के अभाव में रह रहे परिवारों के लिए यह सुविधा एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
गांव में शाम होते ही अंधेरा छा जाता था। बच्चों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती थी और रात में आवागमन भी मुश्किल होता था। अब बिजली पहुंचने से ग्रामीणों को इन समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन को मिलेगी सुविधा
बिजली की उपलब्धता से बच्चों को शाम के समय बेहतर रोशनी में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। घरेलू कामकाज आसान होने के साथ रात में आवागमन में भी सहूलियत होगी। इसके अलावा बिजली से संचार, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
ग्रामीणों के लिए यह केवल बिजली कनेक्शन मिलने तक सीमित उपलब्धि नहीं है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से जुड़ने की दिशा में एक अहम कदम है।

दुर्गम क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने की पहल
चांगेर जैसे दूरस्थ गांवों में भौगोलिक कठिनाइयों और पूर्व में नक्सल प्रभाव के कारण बुनियादी सुविधाओं का विस्तार चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे क्षेत्रों में बिजली, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है।
जिला प्रशासन द्वारा DMF मद से कराया गया विद्युतीकरण कार्य इसी प्रयास का हिस्सा है। गांव में बिजली पहुंचने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
विकास की रोशनी से बेहतर भविष्य की उम्मीद
चांगेर के 23 घरों में बिजली पहुंचना ग्रामीण परिवारों के लिए लंबे इंतजार के बाद मिली बुनियादी सुविधा है। इससे बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जीवन और भविष्य में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के नए अवसर बन सकते हैं।
दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में ऐसी सुविधाओं का विस्तार तभी व्यापक बदलाव ला सकेगा, जब बिजली के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के अवसर भी लगातार मजबूत हों। चांगेर में विद्युतीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।




