
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति के ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड से बिना अनुमति ₹1.39 लाख की ऑनलाइन खरीदारी कर ली। वहीं, उसी दिन उनके बचत बैंक खाते से भी ₹1.38 लाख निकाल लिए गए। क्रेडिट कार्ड और बचत खाते से कुल ₹2,77,014 की ठगी की गई है। पीड़ित ने पुलिस से मामले में FIR दर्ज कर जांच करने और ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की है।
Flipkart के जरिए की गई ₹1.39 लाख की ऑनलाइन खरीदारी
मिली जानकारी के अनुसार, राजकिशोर नगर निवासी भक्तिमय चौधरी के क्रेडिट कार्ड का 12 अक्टूबर 2026 को अज्ञात साइबर अपराधियों ने दुरुपयोग किया। आरोपियों ने Flipkart के माध्यम से तीन ऑनलाइन लेनदेन किए। इनमें ₹40,918, ₹65,673 और ₹32,423 की रकम शामिल है। इस तरह क्रेडिट कार्ड से कुल ₹1,39,014 की अनधिकृत खरीदारी की गई।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने न तो इन लेनदेन की अनुमति दी थी और न ही संबंधित सामान की खरीदारी की थी।
बचत खाते से भी निकाले ₹1.38 लाख
क्रेडिट कार्ड के अलावा पीड़ित के ICICI बैंक के बचत खाते को भी निशाना बनाया गया। शिकायत के मुताबिक, 12 अक्टूबर को ही दो अलग-अलग लेनदेन के जरिए खाते से ₹65,000 और ₹73,000 निकाल लिए गए। इस तरह दोनों बैंकिंग माध्यमों से कुल ₹2,77,014 की रकम की ठगी हुई।
लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने तत्काल बैंक से संपर्क किया और सुरक्षा के लिहाज से इंटरनेट बैंकिंग सुविधा बंद कराने के साथ क्रेडिट कार्ड भी ब्लॉक करा दिया।
साइबर पोर्टल और बैंक में दर्ज कराई शिकायत
पीड़ित ने 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 13 अक्टूबर को ICICI बैंक की होम ब्रांच पहुंचकर लिखित शिकायत दी। क्रेडिट कार्ड से हुए अनधिकृत लेनदेन को लेकर 14 अक्टूबर को बैंक में अलग से शिकायत भी दर्ज कराई गई, जिसका संदर्भ क्रमांक SR1129596093 है।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच और FIR की मांग
पीड़ित ने पुलिस को दिए आवेदन में Flipkart के जरिए किए गए तीनों लेनदेन की जानकारी जुटाने और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की मांग की है। उन्होंने संबंधित बैंकिंग रिकॉर्ड, IP लॉग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
इसके साथ ही पीड़ित ने ठगी की रकम को रोकने या वापस दिलाने और मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू करने की मांग की है। मामले में आरोपियों की पहचान और ठगी की रकम की वापसी को लेकर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
