PM MODI के ‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का जिक्र प्रदेश के लिए गौरव की बात: CM साय

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में एक बार फिर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उल्लेख हुआ। इस बार प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा जिले में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में कार्यक्रम सुनने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘मन की बात’ में लगातार छत्तीसगढ़ का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व और सम्मान की बात है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ कार्यक्रम का श्रवण किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देशभर में हो रहे सकारात्मक कार्यों और जनभागीदारी आधारित अभियानों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला मंच बन चुका है।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों को मिल रही राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों को देश के सामने रखा है। इससे पहले मल्हार की ऐतिहासिक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख कर राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि और जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाई गई थी।
उन्होंने कहा कि अब कोरबा के जल संरक्षण मॉडल की सराहना से राज्य के विकास और नवाचार आधारित प्रयासों को नई पहचान मिली है।
कोरबा के जल संरक्षण मॉडल की प्रधानमंत्री ने की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में बताया कि कैच द रेन अभियान के तहत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से कोरबा जिले में जल संरक्षण के वैज्ञानिक मॉडल की सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि कोरबा में भू-स्थानिक (Geospatial) मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल और आधुनिक तकनीकों की मदद से वर्षा जल का संरक्षण किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य भूजल स्तर बढ़ाना और भविष्य के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का “बारिश की हर बूंद बचाने” का संदेश आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, तालाबों के संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और वृक्षारोपण को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है। सरकार चाहती है कि यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रहकर जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बने।
कारगिल के वीरों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों का साहस, शौर्य और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
‘हर घर तिरंगा‘ अभियान में शामिल होने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने घर और प्रतिष्ठान पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराकर राष्ट्र की एकता और गौरव के इस अभियान का हिस्सा बने।
‘वोकल फॉर लोकल‘ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोसा वस्त्र, बेलमेटल शिल्प, बांस उत्पाद, माटी कला, जनजातीय हस्तशिल्प और वन उत्पाद राज्य की समृद्ध पहचान हैं। इन्हें अपनाने से स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं के उपयोग पर जोर
गणेशोत्सव के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की उस अपील का स्वागत किया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय कुम्हारों को रोजगार मिलेगा और जल स्रोत रासायनिक प्रदूषण से भी सुरक्षित रहेंगे।
‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान में भागीदारी की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
युवा शक्ति पर जताया भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन और खेल जगत में मिली सफलताएं नए भारत की युवा शक्ति का प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवा शक्ति सबसे बड़ी ताकत बनेगी।



