Chhattisgarh: राष्ट्रीय मंच पर चमकी धमतरी की अभिनव पहल, CSC स्थापना दिवस पर PACS ड्रोन मॉडल को मिली खास पहचान

रायपुर, 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की अभिनव कृषि पहल PACS ड्रोन मॉडल ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोनो धान्यो ऑडिटोरियम में आयोजित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस समारोह में जिले के इस मॉडल की व्यापक सराहना की गई। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सेवाओं, डिजिटल क्रॉप सर्वे और किसान पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री) जैसी तकनीक आधारित पहल को देशभर के सामने एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष रहे। कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने “PACS के माध्यम से कृषि उन्नयन” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लेते हुए जिले की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना साझा की।
10 PACS समितियों के जरिए किसानों तक पहुंच रही ड्रोन सेवा

जयंत नाहटा ने बताया कि वर्तमान में धमतरी जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से ड्रोन से तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की पहली और अभिनव पहल मानी जा रही है, जिससे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में PACS को “वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर” के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां किसानों को कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाएं, फसल सर्वेक्षण, किसान पंजीयन, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
डिजिटल कृषि से बढ़ेगी किसानों की आय
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि कृषि में आधुनिक तकनीकों, विशेषकर ड्रोन और डिजिटल सेवाओं का उपयोग किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। धमतरी का PACS ड्रोन मॉडल इस दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।
उत्कृष्ट CSC-VLE भी हुए सम्मानित
राष्ट्रीय समारोह में देशभर से आए उत्कृष्ट कार्य करने वाले CSC-VLE (Village Level Entrepreneurs) को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव, भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव, CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिल कुमार सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और CSC प्रतिनिधि मौजूद रहे।