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Raipur: CA ऑफिस से 7.80 लाख की चोरी का 30 घंटे में खुलासा, पूर्व कर्मचारी समेत दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) कार्यालय से 7.80 लाख रुपये की चोरी के मामले का पुलिस ने महज 30 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की पूरी रकम बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश पोर्ते और लक्ष्मीनारायण ध्रुव के रूप में हुई है।

पूर्व कर्मचारी ने दोस्त के साथ रची थी चोरी की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी की पूरी योजना कार्यालय के पूर्व कर्मचारी उमेश पोर्ते ने अपने साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव के साथ मिलकर बनाई थी। उमेश को कार्यालय में रखी नकदी और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर दोनों ने वारदात को अंजाम दिया।

कैश काउंटर का ताला कटर से काटकर उड़ाए 7.80 लाख

सुंदर नगर निवासी अपर्णा नायक, जो तारवानी एंड एसोसिएट्स में कैशियर हैं, ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई की सुबह जब वह कार्यालय पहुंचीं तो कैश काउंटर का ताला कटर से कटा हुआ मिला और उसमें रखे 7.80 लाख रुपये गायब थे। शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिला सुराग

पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला और तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) तथा सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों से पूछताछ की गई तथा मुखबिरों को सक्रिय किया गया।

जांच के दौरान संदेह पूर्व कर्मचारी उमेश पोर्ते पर गया। पुलिस ने उसे बिलासपुर से हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपने साथी के साथ चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद दूसरे आरोपी लक्ष्मीनारायण ध्रुव को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पूरी रकम बरामद, पहले भी जेल जा चुका है मुख्य आरोपी

दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की पूरी 7.80 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी उमेश पोर्ते के खिलाफ बिलासपुर में पहले से मारपीट के मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल भी जा चुका है।

फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया है।

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