CM हेल्पलाइन का असर: रायगढ़ में ड्राइविंग लाइसेंस की 3 शिकायतों का समयबद्ध समाधान, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल पर बढ़ा भरोसा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन और जवाबदेह प्रशासन को लगातार मजबूती मिल रही है। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों के लिए एक भरोसेमंद मंच बनकर उभरी है, जहां दर्ज शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण रायगढ़ जिले में देखने को मिला, जहां ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी तीन शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर सफल समाधान किया गया।
राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना अनावश्यक देरी और परेशानी के मिले। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रत्येक शिकायत के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी शिकायतों का मिला समाधान
रायगढ़ जिले के रुद्रा बेहरा, विश्वनाथन मोहन राव और इलियास लोमगा ने ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही जिला परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए तीनों मामलों का निर्धारित समय के भीतर सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया।
हितग्राहियों ने जताया संतोष
शिकायतों का समाधान होने के बाद तीनों हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने बताया कि उनकी समस्याओं पर बिना किसी अनावश्यक विलंब के कार्रवाई हुई, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुलभ बनाया है।
हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से आम लोगों का शासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
सुशासन की नई पहचान बन रही CM हेल्पलाइन
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल शिकायतों का समाधान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को यह भरोसा दिलाना है कि शासन उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन इसी सोच को साकार करते हुए प्रदेश में जनकेंद्रित प्रशासन और पारदर्शी कार्यसंस्कृति को मजबूत बना रही है। समयबद्ध कार्रवाई और नागरिक संतुष्टि पर आधारित यह व्यवस्था सुशासन की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है।