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छत्तीसगढ़ में तीजा-पोरा का भव्य उत्सव, CM साय ने शुरू किया पोषण और महिला सशक्तिकरण अभियान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में तीजा-पोरा तिहार का उल्लास मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचा। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में शनिवार को तीजा-पोरा का पर्व पारंपरिक और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं, बहनों और बेटियों के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव और मायके की थीम पर सजाया गया था। बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, पारंपरिक खिलौनों और ग्रामीण परिवेश के बीच फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों ने कार्यक्रम को खास बना दिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में तीजा के अवसर पर बेटियों और बहनों के मायके आने की सुंदर परंपरा है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर से बहनें उनके घर आई हैं, इसलिए मुख्यमंत्री निवास आज सभी बहनों का मायका है। उन्होंने अपने भाई के घर बहनों के आने को अपने लिए सौभाग्य और आनंद की बात बताया।

शिव-पार्वती की पूजा कर प्रदेश की खुशहाली की कामना

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री साय ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की। उन्होंने प्रदेश की माताओं-बहनों सहित सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा का पर्व माता पार्वती की तपस्या, समर्पण और अटूट आस्था से जुड़ा है, जबकि पोरा छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान शुरू

तीजा-पोरा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया और अभियान के लोगो का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों और आवश्यक मिनरल्स से भरपूर है तथा इसकी पत्तियां और फलियां महिलाओं और बच्चों के बेहतर पोषण में उपयोगी हो सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर और आसपास मुनगा लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से शुरू की गई यह पहल सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करेगी।

राष्ट्रीय पोषण माह का भी शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने पोस्टर का विमोचन कर माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई और सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में पोषण माह मनाया जा रहा है। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और परिवारों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

बच्चों का अन्नप्राशन कर दिया आशीर्वाद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार में भाग लिया। उन्होंने बच्चों को स्नेह और आशीर्वाद देते हुए उनके स्वस्थ, खुशहाल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने बच्चों की माताओं से भी संवाद कर उनके स्वास्थ्य और पोषण की जानकारी ली।

महतारी वंदन की 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ से ज्यादा राशि

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि कई महिलाएं इस राशि का उपयोग बेटियों के भविष्य, सिलाई मशीन खरीदने, सब्जी-भाजी, किराना दुकान और अन्य छोटे व्यवसायों में कर रही हैं।

13 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी

सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि निर्धारित लक्ष्य 8 लाख महिलाओं का था। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़कर ‘डीलर दीदी’, ‘रानी मिस्त्री’ और ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में नए अवसर तलाश रही हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार कई ड्रोन दीदियां एक दिन में 20 से 25 एकड़ तक खेतों में छिड़काव कर करीब 7 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।

महिलाओं के नाम संपत्ति पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ संपत्ति में स्वामित्व देने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत और स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

पीएम आवास को लेकर सीएम साय का बड़ा दावा

प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण हो रहा है। उनके मुताबिक पिछले ढाई वर्षों में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं और इनमें से साढ़े 11 लाख से अधिक आवास पूरे किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश के लिए 3 लाख 65 हजार नए प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे।

खेल-कूद और लोक संस्कृति से सराबोर रहा मुख्यमंत्री निवास

मुख्यमंत्री निवास में तीजा-पोरा के लिए तैयार किए गए ग्रामीण परिवेश में माताओं-बहनों ने फुगड़ी, रस्साकशी और कुर्सी दौड़ में हिस्सा लिया। मेहंदी और झूलों का भी महिलाओं ने आनंद लिया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंग दिया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी प्रदेशवासियों को तीजा-पोरा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और मातृशक्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान को पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम में मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री दयाल दास बघेल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, महापौर मीनल चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें मौजूद रहीं।

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