
रायपुर। Dhamtari News, Chhattisgarh News, SBI Kiosk Fraud, SBI Fraud Case, Financial Fraud, Banking Fraud, Dhamtari Crime News, Bhakhara News, SBI Kiosk Operator, Keshav Ram Sahu, Bank Fraud, Fraud Case, Chhattisgarh Crime, SBI News, Financial Irregularitiesपुलिस के मुताबिक, आरोपी पर खाताधारकों की रकम में अनियमितता करते हुए 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपए के कथित गबन का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 27 अगस्त 2015 से 29 नवंबर 2025 के बीच का है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड और खाताधारकों से जुड़े लेनदेन की जांच शुरू की। जांच में कथित तौर पर धोखाधड़ी और कूटरचना के जरिए खाताधारकों की रकम में अनियमितता सामने आई।
SBI के अनुबंध के तहत चलता था कियोस्क
पुलिस के मुताबिक, ग्राम कोरा में संचालित कियोस्क सेंटर SBI से जुड़े बैंकिंग कार्यों के लिए इस्तेमाल होता था। NICT Technologies Pvt. Ltd. SBI के अनुबंध के तहत ग्राहक सेवा केंद्रों का संचालन कराती है। इसी व्यवस्था के तहत केशव राम साहू को कियोस्क संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी।
संस्था के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जुगलकिशोर की शिकायत के बाद भखारा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बैंकिंग दस्तावेजों और खाताधारकों से संबंधित लेनदेन की जानकारी जुटाई।
पासबुक में हाथ से एंट्री करने का आरोप
जांच के दौरान कुछ खाताधारकों की रकम बैंक खातों में जमा नहीं होने और पासबुक में हाथ से एंट्री किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में कितने खाताधारक प्रभावित हुए और वास्तविक वित्तीय नुकसान कितना हुआ।
कियोस्क से लैपटॉप और 29 FD बॉन्ड जब्त
पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर ग्राम कोरा स्थित कियोस्क सेंटर से Lenovo कंपनी का लैपटॉप बरामद किया। इसके अलावा 29 हितग्राहियों से जुड़े फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बॉन्ड भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस जब्त लैपटॉप और दस्तावेजों की जांच कर रही है। इनसे कथित लेनदेन और खाताधारकों से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
आरोपी न्यायिक रिमांड पर
पुलिस के मुताबिक, जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर केशव राम साहू को गिरफ्तार कर कुरूद न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। बैंकिंग रिकॉर्ड, कियोस्क से जुड़े दस्तावेज और खाताधारकों के लेनदेन की जांच के बाद कथित धोखाधड़ी की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।