रायपुर के तेलीबांधा में बनेगा डबल-डेकर जैसा ट्रैफिक कॉरिडोर, ऊपर से जाएगा शहर की ओर ट्रैफिक

रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा इलाके में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए एक अनोखा फ्लाईओवर प्रस्तावित है। करीब 700 मीटर लंबा टू-लेन फ्लाईओवर मौजूदा तेलीबांधा ओवरब्रिज के ऊपर से होकर गुजरेगा। यह प्रदेश में अपनी तरह का पहला ऐसा फ्लाईओवर होगा, जो पहले से बने फ्लाईओवर को क्रॉस करेगा।
प्रस्तावित फ्लाईओवर वीआईपी चौक के आगे से शुरू होकर मौजूदा तेलीबांधा ओवरब्रिज को करीब 5.5 मीटर की ऊंचाई से पार करेगा और एक्सप्रेस-वे फ्लाईओवर से पहले नीचे उतरेगा। इस व्यवस्था के जरिए अलग-अलग दिशाओं के ट्रैफिक को अलग-अलग लेवल पर संचालित करने की योजना है।
ऊपर से जाएगा शहर की ओर आने वाला ट्रैफिक
नए फ्लाईओवर का इस्तेमाल वीआईपी रोड और महासमुंद की ओर से रायपुर शहर आने वाले वाहनों के लिए किया जाएगा। ये वाहन सीधे ऊपर से शहर की तरफ जा सकेंगे। वहीं शहर से वीआईपी रोड और महासमुंद की दिशा में जाने वाले वाहनों के लिए नीचे का मौजूदा रास्ता उपलब्ध रहेगा।
इससे दोनों दिशाओं के ट्रैफिक को अलग-अलग स्तर पर निकालने की योजना है, जिससे तेलीबांधा चौक पर वाहनों का दबाव कम हो सकता है।
एनएचएआई के चार फ्लाईओवर से अलग होगा यह प्रोजेक्ट
यह नया टू-लेन फ्लाईओवर एनएचएआई की ओर से प्रस्तावित चार सिक्सलेन फ्लाईओवर से अलग होगा। एनएचएआई ने तेलीबांधा, अग्रसेन चौक, उद्योग भवन और सरोना में फ्लाईओवर निर्माण के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है।
प्रस्तावित चार फ्लाईओवर में तेलीबांधा में करीब 1,020 मीटर, अग्रसेन चौक में 60 मीटर, उद्योग भवन में 70 मीटर और सरोना चौक में 60 मीटर लंबाई का फ्लाईओवर शामिल है।
तेलीबांधा का सिक्सलेन फ्लाईओवर रिंग रोड के एक्सप्रेस-वे ओवरब्रिज के पास से शुरू होकर मैग्नेटो मॉल से पहले तक प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य सीधे जाने वाले वाहनों को ऊपर से निकालकर चौराहे पर ट्रैफिक दबाव कम करना है।
2022 में शुरू हुई थी कवायद
तेलीबांधा से अग्रसेन धाम चौक तक फ्लाईओवर निर्माण की कवायद वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। पीडब्ल्यूडी ने सर्वे के बाद ड्राइंग और डिजाइन तैयार कर प्रस्ताव एनएचएआई को भेजा था। बाद में एनएचएआई ने इसे खुद विकसित करने का निर्णय लिया और नया प्रस्ताव तैयार किया।
करीब चार साल बाद यह योजना अब टेंडर प्रक्रिया तक पहुंची है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी का चयन किया जाएगा और इसके करीब एक से डेढ़ महीने बाद निर्माण शुरू होने की संभावना बताई गई है।
चार घंटे में गुजरते हैं करीब डेढ़ लाख वाहन
यातायात विभाग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार तेलीबांधा चौक से शाम 4 बजे से रात 8 बजे के बीच करीब डेढ़ लाख वाहन गुजरते हैं। पीक ऑवर में वाहनों की इस भारी आवाजाही के कारण यहां ट्रैफिक दबाव बढ़ जाता है।
फ्लाईओवर बनने के बाद सीधे जाने वाले वाहनों को चौराहे पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। वे ऊपर से सीधे अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे। इससे पीक ऑवर में ट्रैफिक दबाव और जाम को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एनएचएआई रायपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर दिग्विजय सिंह के अनुसार तेलीबांधा समेत चार फ्लाईओवर के निर्माण के लिए दिल्ली मुख्यालय से टेंडर जारी हो चुका है। तेलीबांधा में मौजूदा फ्लाईओवर के ऊपर प्रस्तावित नए फ्लाईओवर से वीआईपी रोड और मंदिर हसौद की ओर से आने वाले वाहनों को शहर की ओर जाने में सुविधा मिलेगी।



