विशेष लेख: बस्तर में उच्च शिक्षा की नई भोर, 100 करोड़ के ‘मेरु’ अनुदान और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों से सशक्त हो रहे बस्तर के युवा

लेखक: विष्णु प्रसाद वर्मा, सहायक संचालक
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग और राज्य सरकार की पहल से बस्तर के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को उच्च शिक्षा के साथ रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
MERU योजना के तहत शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) की MERU (Multi Educational Research University) योजना के तहत शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर को 100 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
इस राशि का उपयोग विश्वविद्यालय की अधोसंरचना विकसित करने, नए भवनों के निर्माण, आधुनिक प्रयोगशालाओं और उपकरणों की स्थापना, कौशल विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और सेमिनार आयोजित करने में किया जाएगा।
20 नए विभाग और 365 पदों की स्वीकृति
विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार करने के लिए 20 नए विभाग शुरू किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 200 शैक्षणिक और 165 अशैक्षणिक पद, यानी कुल 365 नए पदों को मंजूरी दी गई है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण और मार्गदर्शन मिल सकेगा।
रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर
बस्तर के युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में कई नए व्यावसायिक और आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।
इनमें शामिल हैं—
- शारीरिक शिक्षा
- फार्मेसी
- विधि (Law)
- चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP)
इसके अलावा इनोवेशन महाकुंभ जैसे आयोजन छात्रों में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने में मदद कर रहे हैं।
कॉलेजों के विकास के लिए 65 करोड़ रुपये मंजूर
बस्तर संभाग के शासकीय महाविद्यालयों की अधोसंरचना मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।
इस राशि से—
- नए कॉलेज भवन
- अतिरिक्त कक्ष
- बाउंड्री वॉल
- छात्र एवं छात्राओं के छात्रावास
का निर्माण कराया जाएगा।
जिला मुख्यालयों के कॉलेजों को मिला विशेष फंड
उच्च शिक्षा संस्थानों को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने जिला मुख्यालयों के प्रमुख कॉलेजों को विशेष वित्तीय सहायता भी दी है।
- शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जगदलपुर को 5 करोड़ रुपये।
- शासकीय इंदरु केंवट कन्या महाविद्यालय, कांकेर को भी 5 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
यह राशि अधोसंरचना विकास, भवन निर्माण और आधुनिक उपकरणों की खरीद पर खर्च की जाएगी।
दूरस्थ क्षेत्रों में खुले नए कॉलेज
बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से पिछले दो वर्षों में—
- नगरनार
- किलेपाल
में दो नए शासकीय महाविद्यालय शुरू किए गए हैं।
इसके अलावा कंगोली (जगदलपुर) में एक अशासकीय महाविद्यालय खोलने की अनुमति भी दी गई है।
विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सीटों में वृद्धि और नए संकाय शुरू करने की प्रक्रिया भी जारी है।
‘छू लो आसमान’, ‘ज्ञानगुड़ी’ और ‘हमर लक्ष्य’ से मिल रहा लाभ
बस्तर के विद्यार्थियों के लिए ‘छू लो आसमान’, ‘ज्ञानगुड़ी’ और ‘हमर लक्ष्य’ जैसी विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को—
- प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग
- आर्थिक सहायता
- बेहतर अध्ययन वातावरण
- करियर मार्गदर्शन
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उच्च शिक्षा बजट में 50 प्रतिशत वृद्धि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के बजट में 50 प्रतिशत की वृद्धि की है।
सरकार का लक्ष्य बस्तर के युवाओं को आधुनिक शिक्षा, बेहतर अधोसंरचना, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
बस्तर में बदल रही शिक्षा की तस्वीर
नई योजनाओं, आधुनिक संसाधनों और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के जरिए बस्तर में उच्च शिक्षा का नया दौर शुरू हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहा तो आने वाले वर्षों में बस्तर उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।



