छत्तीसगढ़

रायपुर में बुलडोजर एक्शन से मचा हड़कंप, महिला की गुहार के बीच 40 निर्माणों पर कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गणेश पर्व के बीच नगर निगम ने रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम के जोन-6 की टीम ने लेआउट से बाहर किए गए करीब 40 कथित अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। मकान टूटते देख एक महिला हाथ जोड़कर कार्रवाई रोकने की गुहार लगाती नजर आई।

नगर निगम ने कार्रवाई के पीछे क्षेत्र में लंबे समय से मिल रही जलभराव, बिजली, पानी और नाली से संबंधित शिकायतों का हवाला दिया है। निगम का कहना है कि संबंधित निर्माण स्वीकृत लेआउट के बाहर बिना अनुमति किए गए थे और कार्रवाई से पहले संबंधित बिल्डरों को नियमानुसार नोटिस भी जारी किए गए थे।

निगम ने क्या बताया?

नगर निगम के मुताबिक रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में स्वीकृत लेआउट के बाहर किए गए निर्माणों को लेकर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश और जोन कमिश्नर हितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में की गई।

मौके पर कार्यपालन अभियंता दिनेश सिन्हा समेत निगम के अन्य अधिकारी और पुलिस प्रशासन का बल मौजूद रहा। निगम अधिकारियों के अनुसार संबंधित बिल्डरों को पहले नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद अभियान चलाकर चिन्हित निर्माणों को हटाया गया।

जोन-6 कमिश्नर हितेंद्र यादव के मुताबिक, क्षेत्र में पहले जलभराव, बिजली, पानी और नाली से जुड़ी कई जन शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए लेआउट के बाहर किए गए निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

कार्रवाई के दौरान हाथ जोड़कर गुहार लगाती दिखी महिला

बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। अपने मकानों पर कार्रवाई होते देख प्रभावित परिवारों में चिंता और आक्रोश का माहौल नजर आया। इसी दौरान एक महिला हाथ जोड़कर कार्रवाई रोकने की गुहार लगाती दिखाई दी।

बताया जा रहा है कि महिला का वीडियो भी सामने आया है। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल ने उठाए सवाल

नगर निगम की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि गणेश उत्सव के दौरान करीब 40 मध्यम और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों के आशियानों पर कार्रवाई की गई।

कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि आम नागरिक अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर घर बनाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग सरकारी दस्तावेजों, रजिस्ट्री और अन्य प्रक्रियाओं के आधार पर जमीन खरीदकर मकान बनाते हैं, तो बाद में उन निर्माणों को अवैध बताकर कार्रवाई क्यों की जा रही है।

भूमि रिकॉर्ड, डायवर्सन और रजिस्ट्री पर सवाल

कांग्रेस नेता ने भूमि के डायवर्सन, रजिस्ट्री और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि यदि कृषि भूमि को आवासीय उपयोग के लिए परिवर्तित किया गया था, तो इसकी अनुमति किस आधार पर दी गई और सरकारी रिकॉर्ड में जमीन का विवरण कैसे दर्ज हुआ।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि संबंधित दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री हुई और लोगों को बैंक से गृह ऋण तथा बीमा जैसी सुविधाएं मिलीं, तो बाद में उन्हीं मकानों को अवैध कैसे घोषित किया गया।

जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR की मांग

कन्हैया अग्रवाल ने कथित अवैध प्लॉटिंग के मामले में भू-माफिया और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका में अनियमितता सामने आती है, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री से नियमितीकरण की मांग

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की है। कन्हैया अग्रवाल ने तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकने और प्रभावित मकानों को जनहित में नियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग, रजिस्ट्री और डायवर्सन से जुड़े मामलों की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में आम लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

निगम और कांग्रेस के दावों में अंतर

रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में हुई कार्रवाई को लेकर नगर निगम और कांग्रेस के पक्ष अलग-अलग हैं। निगम का कहना है कि स्वीकृत लेआउट के बाहर बिना अनुमति किए गए निर्माणों को हटाया गया है, जबकि कांग्रेस प्रभावित परिवारों की ओर से सरकारी रिकॉर्ड, रजिस्ट्री और भूमि उपयोग की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है।

अब मामले में प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को क्या राहत मिलती है और भूमि के दस्तावेजों व कथित अनियमितताओं को लेकर आगे क्या जांच होती है, इस पर नजर रहेगी।

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