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छत्तीसगढ़ में युवाओं को मिलेगा हुनर का नया मंच, 200 करोड़ से बनेगा NSTI

रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहचान अब केवल ‘धान के कटोरे’ तक सीमित नहीं रह गई है। कृषि के साथ उद्योग, तकनीक के साथ कौशल और रोजगार के साथ उद्यमिता प्रदेश के विकास की नई दिशा तय कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के हालिया निर्णयों में युवाओं को आधुनिक कौशल से जोड़ने के साथ अनुभवी मानव संसाधन के लिए अवसरों का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का मंच मिलने की उम्मीद है। वहीं विभिन्न शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने से अनुभवी लोगों के लिए नए अवसरों का रास्ता खुलेगा।

करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा एनएसटीआई

ग्राम तेंदुवा में एनएसटीआई की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

संस्थान में दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के माध्यम से हर वर्ष करीब 1,000 प्रशिक्षुओं को और अल्पकालीन कार्यक्रमों में लगभग 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। इससे युवाओं को तकनीकी कौशल हासिल करने, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण लेने और रोजगार के नए अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है।

कौशल से रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा

बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के बीच युवाओं के लिए केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। व्यावहारिक और रोजगारपरक कौशल का महत्व भी लगातार बढ़ रहा है। एनएसटीआई के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण के साथ उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में पहल की जा रही है।

कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाला युवा नौकरी तलाशने के साथ अपना व्यवसाय शुरू कर रोजगार देने वाला उद्यमी भी बन सकता है। इस तरह कौशल विकास को रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

38 से बढ़कर 45 वर्ष हुई अधिकतम आयु सीमा

मंत्रिपरिषद के निर्णय के तहत विभिन्न शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का फैसला लिया गया है। इससे ऐसे लोगों को अवसर मिल सकेंगे, जिनके पास वर्षों का कार्य अनुभव, व्यावहारिक ज्ञान और संबंधित क्षेत्र में कार्यकुशलता है।

अनुभव के साथ किसी भी व्यक्ति की कार्यप्रणाली और परिस्थितियों को समझने की क्षमता विकसित होती है। ऐसे अनुभवी मानव संसाधन का उपयोग नई जिम्मेदारियों में किए जाने से संस्थागत क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

युवा ऊर्जा और अनुभव से विकास को नई दिशा

प्रदेश के विकास में युवा ऊर्जा और अनुभवी मानव संसाधन दोनों की अपनी भूमिका है। युवा नई तकनीक, नए विचार और नवाचार लेकर आते हैं, जबकि अनुभवी वर्ग व्यावहारिक ज्ञान और लंबे कार्य अनुभव के आधार पर चुनौतियों से निपटने में योगदान देता है।

एनएसटीआई युवाओं के कौशल को आधुनिक मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, वहीं आयु सीमा में वृद्धि अनुभवी वर्ग की क्षमता को नए अवसर देने से जुड़ा निर्णय है।

छत्तीसगढ़ का भविष्य उसकी प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ यहां के लोगों की क्षमता और कौशल पर भी निर्भर करेगा। जब युवाओं को हुनर का मंच और अनुभवी वर्ग को अवसर मिलेगा, तो कौशल, रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के जरिए विकास को नई गति मिल सकती है।

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