
रायपुर, 10 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधि के रूप में काम करने की व्यवस्था पर रोक लगा दी है। राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ नगरपालिका नियम, 2022 में संशोधन करते हुए अधिसूचना जारी की है।
नए संशोधन के तहत किसी भी नगरीय निकाय में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के पति, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन या किसी अन्य निकट पारिवारिक सदस्य अथवा नातेदार को उनके परोक्ष प्रतिनिधि या समन्वयक व्यक्ति के रूप में नाम-निर्दिष्ट या नियुक्त नहीं किया जा सकेगा।
राज्य शासन का यह निर्णय महिला जनप्रतिनिधियों को उनके निर्वाचित पद की जिम्मेदारियां स्वयं निभाने और स्थानीय निकायों के कामकाज में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित संशोधन के साथ ही यह प्रावधान प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
इस फैसले के बाद अब निर्वाचित महिला पार्षदों अथवा अन्य महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके परिजनों द्वारा प्रतिनिधि या समन्वयक के रूप में कार्य करने की व्यवस्था पर प्रभावी रोक रहेगी।


