महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा आंदोलन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान करते हुए कहा कि कांग्रेस अब इस मुद्दे को जनआंदोलन का रूप देगी। उन्होंने घोषणा की कि 3 अगस्त को प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता रायपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) का घेराव करेंगे।
महंगी बिजली के खिलाफ तीन दिवसीय आंदोलन
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पिछले कई महीनों से महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रही है। अब इस अभियान को पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि हर बिजली उपभोक्ता अपनी समस्या सरकार तक पहुंचा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ते बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग के परिवारों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
1 से 3 अगस्त तक रहेगा आंदोलन
कांग्रेस ने आंदोलन का विस्तृत कार्यक्रम भी जारी किया है।
1 अगस्त
प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और महंगी बिजली के मुद्दे को जनता के सामने रखेंगे।
2 अगस्त
कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और महंगे बिजली बिलों तथा स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के संबंध में आवेदन भरवाएंगे।
3 अगस्त
प्रदेशभर के कांग्रेस कार्यकर्ता रायपुर में एकत्र होकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
‘जनता की आवाज बनेगी कांग्रेस’
दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश की जनता महंगी बिजली से परेशान है और कांग्रेस आम लोगों की आवाज बनकर सड़क पर उतर रही है। उन्होंने सरकार से बिजली दरों में राहत देने और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
बैज ने कहा कि यदि सरकार ने जनता की परेशानियों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।
बिजली और स्मार्ट मीटर पर सियासत तेज
प्रदेश में बिजली दरों और स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस इसे आम जनता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार को घेर रही है। वहीं, 3 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री निवास घेराव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है।

