CG High Court: सहायक रजिस्ट्रार और उप रजिस्ट्रार पद पर पदोन्नति, जानिए किन अधिकारियों को मिला मौका

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। इसके तहत उच्च न्यायिक सेवा के 19 अधिकारियों की सेवा संपुष्ट कर दी गई है। वहीं हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में कार्यरत पांच अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा बेमेतरा जिला न्यायालय में कोर्ट मैनेजर की नियुक्ति से संबंधित आदेश भी जारी किया गया है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ये फैसले न्यायिक सेवा और न्यायालयीन प्रशासन से जुड़े विभिन्न पदों पर किए गए हैं। पदोन्नति के आदेश कार्यवाहक क्षमता में दो वर्ष की अवधि के लिए जारी किए गए हैं।
19 न्यायिक अधिकारियों की सेवा संपुष्ट
जारी आदेश के अनुसार, उच्च न्यायिक सेवा के 19 अधिकारियों की सेवा 28 अक्टूबर 2026 से संपुष्ट की गई है। इनमें वीरेंद्र, मुकेश कुमार तिवारी, अमित कुमार कोहली, जितेंद्र कुमार ठाकुर, जगदीश राम, मोनिका जायसवाल, अनिल कुमार बारा, संतोष कुमार महोबिया, पुष्पलता मार्कंडे, मोना चौहान, कृष्णा कुमार सूर्यवंशी, वंदना वर्मा, संजया रात्रे, संतोष ठाकुर, नरेंद्र कुमार, श्यामवती मरावी, सुषमा लाकड़ा, अनिल प्रभात मिंज और दीपक कुमार कोशले शामिल हैं।
हाईकोर्ट रजिस्ट्री में 5 अधिकारियों को पदोन्नति
हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में भी पदोन्नति के आदेश जारी किए गए हैं। इसके तहत प्रवीण कुमार सिन्हा और पवन कुमार झा को उप रजिस्ट्रार के पद पर पदोन्नत किया गया है।
वहीं जयप्रकाश शुक्ला, विजय कुमार मिंज और अनिल कुमार गुप्ता को सहायक रजिस्ट्रार के पद पर पदोन्नति दी गई है। इन सभी पदोन्नतियों के आदेश कार्यवाहक क्षमता में दो वर्ष की अवधि के लिए जारी किए गए हैं।
बेमेतरा जिला न्यायालय में कोर्ट मैनेजर की नियुक्ति
हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेशों में बेमेतरा जिला न्यायालय में कोर्ट मैनेजर की नियुक्ति का विषय भी शामिल है। कोर्ट मैनेजर न्यायालय के प्रशासनिक प्रबंधन, कामकाज के समन्वय और विभिन्न प्रक्रियाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नियुक्त अधिकारी का नाम स्पष्ट नहीं किया गया है।
न्यायिक प्रशासन में अहम बदलाव
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के इन प्रशासनिक आदेशों से न्यायिक सेवा और रजिस्ट्री के विभिन्न संवर्गों में अधिकारियों की स्थिति स्पष्ट हुई है। 19 न्यायिक अधिकारियों की सेवा संपुष्टि और पांच अधिकारियों की पदोन्नति इस आदेश के प्रमुख बिंदु हैं।


