छत्तीसगढ़

उरला फैक्ट्री हादसे के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: उत्पादन पर रोक, मृतक श्रमिकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये मुआवजे पर सहमति

रायपुर। रायपुर जिले के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेसर्स 3-डी इनोवेशन कारखाने में हुए भीषण औद्योगिक हादसे के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री की सभी विनिर्माण गतिविधियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही कंपनी प्रबंधन ने मृतक तीनों श्रमिकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बेन्द्री के पास स्थित 3-डी इनोवेशन कारखाने के फेरो एलॉयज डिवीजन में हुई। विभाग के अनुसार, फर्नेस में लांसिंग कार्य के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि वहां कार्यरत तीन श्रमिकों अरुण पाण्डेय, लाल सिंह और कमल सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं जांच की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया तथा आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। जांच के लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके अलावा कारखाना प्रबंधन और वहां कार्यरत श्रमिकों से प्रारंभिक पूछताछ कर हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया।

प्रारंभिक जांच और श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 की धारा 38(1)(ए) के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए कारखाने में संचालित सभी प्रकार की विनिर्माण गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। इस संबंध में कारखाने के अधिभोगी और प्रबंधक को औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्पादन कार्य बंद रहने की अवधि के दौरान भी कारखाने में कार्यरत सभी श्रमिकों को नियमानुसार वेतन और अन्य देय भत्तों का समय पर भुगतान करना होगा। यह निर्देश श्रमिकों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।

दुर्घटना के बाद विभाग की पहल पर कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के बीच चर्चा हुई, जिसके बाद प्रबंधन ने मृतक तीनों श्रमिकों के परिजनों को प्रत्येक परिवार को 30-30 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने पर सहमति व्यक्त की। प्रशासन ने इसे पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने कहा है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत तकनीकी जांच जारी है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि कारखाने में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं तथा दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

उरला औद्योगिक क्षेत्र राज्य का प्रमुख औद्योगिक केंद्र माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक विभिन्न इकाइयों में कार्यरत हैं। ऐसे में इस दुर्घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित पक्षों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मृतक श्रमिकों के परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना, फैक्ट्री परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच पूरी करना है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के कारणों और आगे की कार्रवाई की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button