
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से पहली बार आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव 2026 का समापन सोमवार को रायपुर में हुआ। समापन सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और टीमों को प्रोत्साहन राशि वितरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है और ‘उत्कृष्ट खेल मिशन’ के तहत इस वर्ष के बजट में ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
खेलों के विकास में मील का पत्थर बनेगा स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव
रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित इस कॉन्क्लेव में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, पूर्व खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों ने भाग लिया। पूरे दिन खेल अधोसंरचना, प्रतिभा खोज, आधुनिक प्रशिक्षण और खिलाड़ियों के समग्र विकास को लेकर मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विशेषज्ञों के सुझावों से राज्य में खेल नीति को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिलेगा सरकारी नौकरी में लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी है। इन खिलाड़ियों को भविष्य में सरकारी नौकरियों में नियमानुसार लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और मजबूत खेल अधोसंरचना तैयार करने के लिए लगातार निवेश कर रही है।
बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से मिली नई खेल प्रतिभाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे बड़े आयोजनों का सफल आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में लगभग 4 लाख और सरगुजा ओलंपिक में 3.5 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही अवसर और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की है।

अरुण साव बोले- विशेषज्ञों के सुझावों पर बनेगी नई कार्ययोजना
उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि कॉन्क्लेव में मिले विशेषज्ञों के सुझावों और निष्कर्षों के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर से ही बच्चों की खेल प्रतिभा की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के विजेताओं को मिली प्रोत्साहन राशि
स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
छत्तीसगढ़ ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य सहित कुल 19 पदक अपने नाम किए थे।
इन खिलाड़ियों को मिला सम्मान
- निकिता – भारोत्तोलन (स्वर्ण)
- रिषिका कश्यप – भारोत्तोलन (रजत)
- अनुष्का भगत – तैराकी (रजत)
- लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे – एथलेटिक्स (रजत)
- मनीष कुमार – एथलेटिक्स (कांस्य)
- निखिल खलको – तैराकी (कांस्य)
- लक्की बाबू – भारोत्तोलन (कांस्य)
पदक विजेताओं को मिली इतनी प्रोत्साहन राशि
राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को निम्नानुसार पुरस्कार राशि प्रदान की—
- स्वर्ण पदक विजेता – ₹2 लाख
- रजत पदक विजेता – ₹1.5 लाख
- कांस्य पदक विजेता – ₹1 लाख
टीम स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया—
- महिला फुटबॉल टीम (स्वर्ण) – ₹22 लाख
- पुरुष फुटबॉल टीम (रजत) – ₹16.5 लाख
- पुरुष हॉकी टीम (कांस्य) – ₹9 लाख
देशभर के खेल विशेषज्ञ हुए शामिल
स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक तनुजा सलाम, ओलंपियन जिन्सन जॉनसन, खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनालिस्ट रोनक कोठारी, डॉ. पियूष जैन, मयंक श्रीवास्तव, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित प्रदेशभर के खिलाड़ी, प्रशिक्षक, जिला खेल अधिकारी और खेल संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


