
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप लिया। राजधानी रायपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए, जबकि प्रदेशभर में 1.50 करोड़ से अधिक दीयों की रोशनी से छत्तीसगढ़ जगमगा उठा।
आयोजन की व्यापकता और जनभागीदारी के लिए ‘आशीर्वाद का दीया’ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। इसे छत्तीसगढ़ में बड़े स्तर पर हुई सामूहिक सहभागिता के रूप में बताया गया है।
सेवा और सुशासन की भावना का सामूहिक उत्सव
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस उपलब्धि को प्रदेश की जनता की व्यापक सहभागिता और सामूहिक संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशवासियों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ भागीदारी की।
उन्होंने कहा कि रायपुर में 25 लाख से अधिक दीपों का प्रज्वलन और पूरे प्रदेश में 1.50 करोड़ से अधिक दीयों का जलना छत्तीसगढ़ की जनभागीदारी की व्यापकता को दर्शाता है। यह आयोजन केवल दीप प्रज्वलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना से जुड़ा सामूहिक उत्सव बना।
गांव से शहर तक लोगों ने लिया हिस्सा
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों में गांवों से लेकर शहरों तक नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया। दीपों की रोशनी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
आयोजन के जरिए विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की भावना को भी अभिव्यक्ति दी गई। प्रदेशभर में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ आयोजन
व्यापक स्तर पर हुई जनभागीदारी के चलते ‘आशीर्वाद का दीया’ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला। आयोजकों के अनुसार, यह उपलब्धि छत्तीसगढ़वासियों की सामूहिक सहभागिता और उत्साह को दर्शाती है।
रायपुर से लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों तक दीपों की रोशनी के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम ने जनभागीदारी, सेवा और सुशासन से जुड़े संदेश को सामने रखा।
