अंबेडकर अस्पताल की इमरजेंसी में नई व्यवस्था, मरीजों की सुविधा पर जोर

रायपुर, 8 अगस्त 2026। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में आपात चिकित्सा विभाग की प्रवेश एवं पंजीयन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मरीजों की बढ़ती संख्या और इमरजेंसी में उत्पन्न हो रही भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था सोमवार से प्रभावी होगी।
नई व्यवस्था के तहत ओपीडी गेट स्थित कक्ष क्रमांक 100, यानी कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) कक्ष से आपात चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों का प्रवेश और पंजीयन किया जाएगा। सीएमओ कक्ष में मरीज की प्रारंभिक जांच के बाद गंभीर एवं तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों को बिना अनावश्यक देरी के सीधे आपात चिकित्सा विभाग भेजा जाएगा।
गंभीर मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
अस्पताल प्रशासन के इस फैसले से गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक पहुंचने के लिए भीड़ के बीच से गुजरने की परेशानी नहीं होगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होने के साथ ही गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक आपात चिकित्सा विभाग का संचालन इसी स्थान से किया जाता था। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण वर्तमान प्रवेश व्यवस्था में जगह की कमी और भीड़ की स्थिति बनने लगी थी। इससे मरीजों एवं उनके परिजनों को आवागमन में परेशानी हो रही थी।
बैठक के बाद लिया गया निर्णय
अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी के अनुमोदन के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर की अध्यक्षता में शनिवार को अधीक्षक कक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपात चिकित्सा विभाग में मरीजों के सुचारू आवागमन और चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर चर्चा हुई।
अस्पताल के राउंड के दौरान इमरजेंसी में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण उत्पन्न भीड़ और स्थानाभाव का भी निरीक्षण किया गया। इसके बाद संबंधित विभागाध्यक्षों एवं अधिकारियों से चर्चा कर नई प्रवेश एवं पंजीयन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।
व्यवस्था की नियमित होगी समीक्षा
अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य मरीजों की भीड़ को नियंत्रित करना, गंभीर मरीजों को तत्काल आपात चिकित्सा उपलब्ध कराना और मरीजों एवं उनके परिजनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू करने के दौरान आपातकालीन सेवाओं की निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों के आवागमन और पंजीयन की नियमित समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों की सुविधा के अनुसार आगे भी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।


