दर्रीघाट से टांटीबंद तक 6-लेन सड़क की तैयारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में परिवहन और औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए दर्रीघाट से रायपुर के टांटीबंद तक 6-लेन एक्सप्रेस-वे बनाने की महायोजना तैयार की गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद यह कॉरिडोर राज्य के औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को नई दिशा देगा।
परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (सिमगा-बिलासपुर) और राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (दर्रीघाट-बिल्हा) को छह लेन में विकसित किया जाएगा। यह मार्ग केंद्र सरकार के उरगा-पथलगांव-बिलासपुर तथा रायपुर-कोरबा इकोनॉमिक कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
दर्रीघाट से शुरू होने वाला यह हाई-स्पीड कॉरिडोर रायपुर के टांटीबंद तक पहुंचेगा, जहां से यह सीधे रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) से जुड़ जाएगा। इससे कोरबा, रायगढ़ और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों का कोयला एवं अन्य औद्योगिक माल बिना बिलासपुर और रायपुर शहरों में प्रवेश किए सीधे विशाखापत्तनम पोर्ट तक पहुंच सकेगा।
परियोजना के पूरा होने से भारी मालवाहक वाहनों और यात्री वाहनों के लिए अलग-अलग लेन उपलब्ध होंगी। इससे शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी। घनी आबादी वाले क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर तथा अंडरपास भी बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय और लंबी दूरी के ट्रैफिक को अलग-अलग संचालित किया जा सकेगा।
नई 6-लेन सड़क से वाहनों की औसत गति बढ़ेगी, यात्रा का समय कम होगा और ओवरटेकिंग से होने वाले सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योगों की परिवहन लागत घटेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
यदि परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलती है, तो यह एक्सप्रेस-वे छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, व्यापार और बंदरगाह कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने वाली सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल होगा।
