वन्यजीव सप्ताह 2026: नवा रायपुर में 25 किमी साइकिल रैली, 70 प्रतिभागियों ने दिया संरक्षण का संदेश

रायपुर, 4 अक्टूबर 2026। वन्यजीव सप्ताह 2026 के अवसर पर नंदनवन जंगल सफारी एंड जू, नवा रायपुर द्वारा वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली में करीब 70 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और लगभग 25 किलोमीटर की दूरी तय कर वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता तथा प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा का संदेश दिया।
रैली का शुभारंभ VIP रोड स्थित राम मंदिर, रायपुर से हुआ। इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की थीम “Connecting Habitats, Thriving Wildlife” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस रैली में विभिन्न आयु वर्ग के साइकिल प्रेमियों, प्रकृति-प्रेमियों और नंदनवन जंगल सफारी की टीम ने भाग लिया।

स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
साइकिल रैली के जरिए स्वस्थ जीवनशैली के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साइकिल पर्यावरण-अनुकूल परिवहन का साधन है, जो ईंधन की खपत, वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करता है। आयोजकों ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और प्राकृतिक आवासों का संरक्षण वन्यजीवों के साथ-साथ मानव जीवन के लिए भी जरूरी है।
कार्यक्रम में वन्यजीव क्षेत्र के मुख्य वन संरक्षक (Wildlife CCF) श्री गुरु नाथन विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के साथ स्वयं भी पूरी 25 किलोमीटर की रैली में साइकिल चलाई। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा, जैव विविधता के संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण-अनुकूल साधनों को अपनाकर नागरिक प्रदूषण कम करने और प्रकृति संरक्षण में योगदान दे सकते हैं।
DFO ने भी किया प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन
नंदनवन जंगल सफारी एंड जू के DFO श्री थेजस शेखर ने भी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी आधारित ऐसे कार्यक्रम लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। साइकिल रैली के जरिए स्वास्थ्य, पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक साथ आम लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

नारों के जरिए दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने “वन्यजीव बचाएं, प्रकृति बचाएं”, “सेव वाइल्डलाइफ”, “वन्यजीवों की रक्षा, प्रकृति की सुरक्षा” और “जंगल बचेंगे, वन्यजीव बचेंगे” जैसे नारों के जरिए लोगों को जागरूक किया।
आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ समाज और स्वस्थ पर्यावरण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। प्राकृतिक आवासों, जंगलों और जलस्रोतों का संरक्षण तथा प्रदूषण में कमी से वन्यजीवों और मनुष्यों दोनों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
वन विभाग की यह पहल Wildlife Week 2026 के दौरान जनभागीदारी के माध्यम से वन्यजीव एवं प्राकृतिक आवास संरक्षण, पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास रही।
