टॉप न्यूज़

RBI Repo Rate Hike: 44 महीने बाद बढ़ा रेपो रेट, 5.50% हुआ ब्याज; महंगे होंगे Home और Car Loan, बढ़ेगी EMI

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के दबाव के बीच बड़ा फैसला लिया है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो गया है। करीब 44 महीने बाद RBI ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। इसका सीधा असर बैंक से जुड़े होम लोन, कार लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की EMI पर पड़ सकता है।

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। भू-राजनीतिक घटनाक्रम, वैश्विक महंगाई का जोखिम और शेयर बाजार में जारी अनिश्चितता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और आर्थिक गतिविधियों की गति बरकरार है।

44 महीने बाद बढ़ा रेपो रेट

RBI MPC ने फरवरी 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। साल 2025 में RBI ने रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी। इसके बाद पिछली चार MPC बैठकों में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब महंगाई के दबाव को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है।

अन्य ब्याज दरों में भी बदलाव

रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 फीसदी किए जाने के साथ ही SDF रेट को 5.25 फीसदी और MSF तथा बैंक रेट को 5.75 फीसदी किया गया है।

महंगाई का अनुमान भी बढ़ाया

RBI ने FY27 के लिए महंगाई के अनुमान में भी बदलाव किया है। कोर महंगाई का अनुमान 4.3 फीसदी से बढ़ाकर 4.4 फीसदी कर दिया गया है। वहीं, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5 फीसदी से बढ़ाकर 5.2 फीसदी किया गया है।

50 लाख के होम लोन पर कितनी बढ़ेगी EMI?

रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी का असर फ्लोटिंग ब्याज दर वाले लोन पर पड़ सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि 50 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए 7.50 फीसदी ब्याज दर पर लिया गया है, तो EMI करीब 40,280 रुपये बनती है। ब्याज दर बढ़कर 7.75 फीसदी होने पर EMI लगभग 41,057 रुपये हो सकती है। यानी मासिक किस्त में करीब 777 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।

इसी तरह 50 लाख रुपये के 25 साल के होम लोन पर ब्याज दर 7.50 फीसदी से बढ़कर 7.75 फीसदी होने पर EMI में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि, वास्तविक EMI का असर बैंक की ब्याज दर, लोन की शेष अवधि और ग्राहक के लोन रीसेट नियमों पर निर्भर करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button