
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी और मनचाहा ट्रांसफर कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने दो आरोपियों आदित्य मोहन पण्डा और संतराम यादव को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने करीब 15 लोगों को सरकारी नौकरी और ट्रांसफर का झांसा देकर लगभग 25 लाख रुपये की ठगी की।
खुद को गृहमंत्री का PA बताकर जमाता था रौब
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी आदित्य मोहन पण्डा खुद को गृहमंत्री का निज सहायक (PA) बताता था। वह मंत्रालय में ऊंची पहुंच होने का दावा कर बेरोजगारों और नौकरी चाहने वालों को अपने झांसे में लेता था। सरकारी नौकरी लगवाने और मनचाही जगह ट्रांसफर कराने का भरोसा देकर उनसे रकम वसूली जाती थी।

दूसरा आरोपी संतराम यादव देवपुरी स्थित हिमालया हाइट्स में रहता था। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
70 हजार रुपये की ठगी से खुला मामला
मामले का खुलासा शिकायतकर्ता बोस्टो तांडी की शिकायत के बाद हुआ। आरोपियों ने उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 70 हजार रुपये लिए थे। रकम लेने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।
15 लोगों से 25 लाख रुपये लेने का खुलासा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर करीब 15 लोगों से नौकरी और ट्रांसफर कराने के नाम पर लगभग 25 लाख रुपये लिए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी आईकार्ड और नियुक्ति पत्र भी बरामद किए हैं।
पुलिस यह जांच कर रही है कि इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कितने लोगों को विश्वास में लेने के लिए किया गया और इस ठगी में आरोपियों के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
पुलिस ने पीड़ितों से की अपील
सिविल लाइन थाना पुलिस ने ऐसे लोगों से सामने आने की अपील की है, जिन्हें सरकारी नौकरी, ट्रांसफर या किसी प्रभावशाली व्यक्ति से पहुंच का झांसा देकर आरोपियों ने ठगा है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मामलों का भी पता लगाया जाएगा।
