
रायपुर।छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन नकटी क्षेत्र में हुई बेदखली की कार्रवाई का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से गूंजा। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस ने इस मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया और सरकार पर गरीब परिवारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सदन की कार्यवाही स्थगित कर विस्तृत चर्चा कराने और सरकार से जवाब देने की मांग की।
- कांग्रेस विधायकों ने कहा कि नकटी क्षेत्र में जिन परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाया गया, वे लंबे समय से वहां निवास कर रहे थे। बिना पर्याप्त पुनर्वास और मानवीय दृष्टिकोण अपनाए की गई कार्रवाई से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह कार्रवाई गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के अधिकारों का उल्लंघन है।
- सदन में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के कई भाजपा शासित राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई एक प्रवृत्ति बनती जा रही है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में भी उसी तर्ज पर कार्रवाई की गई, जिससे आम लोगों में भय का माहौल पैदा हुआ है।
- विपक्ष ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के दौरान सरकार ने अपनी ही पार्टी के एक सांसद द्वारा उठाई गई आपत्तियों और स्थानीय जनभावनाओं का भी सम्मान नहीं किया। कांग्रेस ने सरकार से पूछा कि यदि जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी जाएगी तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।
- स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि नकटी बेदखली प्रकरण पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जाए, प्रभावित परिवारों की स्थिति स्पष्ट की जाए और कार्रवाई की परिस्थितियों पर सरकार अपना पक्ष रखे।
- हालांकि, सरकार की ओर से इस मामले में अपने निर्णय को नियमानुसार बताया गया। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेरने की रणनीति पर कायम रहा। नकटी बेदखली प्रकरण को लेकर सदन में कुछ समय तक तीखी नोकझोंक और हंगामे की स्थिति बनी रही।
गौरतलब है कि नकटी क्षेत्र में हाल ही में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। अब विधानसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद इसके राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज होने की संभावना है।
