मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 15 नवंबर तक गिरदावरी पूरी करने का अल्टीमेटम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, निर्माण कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने और 15 नवंबर से पहले फसलों की गिरदावरी पूरी करने पर विशेष जोर दिया गया।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का प्राथमिकता से हो निराकरण
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन 1076 में आम नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। शिकायतों का समाधान होने के बाद इसकी जानकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि शिकायतों के निराकरण की प्रभावी निगरानी की जा सके।
15 नवंबर से पहले पूरी करनी होगी फसलों की गिरदावरी
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में सभी फसलों की गिरदावरी का कार्य 15 नवंबर 2026 से पहले पूरा किया जाए। उन्होंने इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने और गिरदावरी से संबंधित जानकारी प्रत्येक ग्राम की ग्रामसभा में उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी किसान के खेत की गिरदावरी छूट जाती है, तो संबंधित किसान ग्रामसभा में आवेदन देकर अपनी गिरदावरी का कार्य तत्काल पूरा करवा सकता है।
अधूरे निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश
बैठक में विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने अधूरे कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
- लोक निर्माण विभाग: शासकीय भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के अधूरे निर्माण कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं।
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग: नल-जल योजनाओं और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई जाए।
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: स्वीकृत निर्माण कार्यों को जल्द पूरा किया जाए।
- आदिम जाति विकास विभाग: लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए।
- वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग: स्वीकृत निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।
- नगरीय प्रशासन एवं परिवहन विभाग: शहरों में नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए व्यवस्थित परिवहन कार्ययोजना तैयार की जाए।
इसके अलावा संस्कृति विभाग के अधिकारियों से राज्योत्सव की तैयारियों की विस्तृत जानकारी भी ली गई।
पारस पोर्टल और भर्ती प्रक्रियाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं, जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 योजना के कार्यों में बिना देरी के प्रगति लाने के निर्देश दिए।
वहीं कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से आयोजित होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताएं और भर्ती प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा गया।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार तथा सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

