ट्रेन यात्रा हुई आसान! अब टिकट के साथ ऑनलाइन बुक करें एक्स्ट्रा लगेज
नई दिल्ली, 2 अगस्त 2026। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए नई डिजिटल सेवा शुरू की है। अब ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्री टिकट बुकिंग के दौरान ही IRCTC के माध्यम से अतिरिक्त सामान (एक्स्ट्रा लगेज) की ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान कर सकेंगे। इस सुविधा के लागू होने के बाद यात्रियों को अतिरिक्त सामान के लिए रेलवे के पार्सल कार्यालय में अलग से जाकर बुकिंग कराने की जरूरत नहीं होगी।
अब तक निर्धारित मुफ्त सीमा से अधिक सामान ले जाने वाले यात्रियों को स्टेशन के पार्सल काउंटर पर जाकर कागजी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी और लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता था। नई ऑनलाइन व्यवस्था इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और आसान बनाएगी।
किन यात्रियों को मिलेगी सुविधा?
रेलवे के अनुसार, यह सुविधा केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी। इसका लाभ उन श्रेणियों में मिलेगा, जहां मुफ्त सीमा से अधिक सामान ले जाने की अनुमति निर्धारित शुल्क के साथ दी गई है।
इन श्रेणियों के यात्री ऑनलाइन अतिरिक्त सामान बुक कर सकेंगे—
- एसी फर्स्ट क्लास
- एसी 2-टियर
- फर्स्ट क्लास
- स्लीपर क्लास
- सेकेंड क्लास
वहीं एसी 3-टियर और एसी चेयर कार के यात्रियों को यह सुविधा नहीं मिलेगी, क्योंकि इन श्रेणियों में मुफ्त सामान और अधिकतम अनुमत सामान की सीमा समान है।
किस क्लास में कितना सामान मुफ्त?
| श्रेणी | मुफ्त सामान | अधिकतम अनुमत सामान |
|---|---|---|
| एसी फर्स्ट क्लास | 70 किग्रा | 150 किग्रा |
| एसी 2-टियर / फर्स्ट क्लास | 50 किग्रा | 100 किग्रा |
| स्लीपर क्लास | 40 किग्रा | 80 किग्रा |
| सेकेंड क्लास | 35 किग्रा | 70 किग्रा |
| एसी 3-टियर / एसी चेयर कार | 40 किग्रा | 40 किग्रा (अतिरिक्त सुविधा नहीं) |
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि मुफ्त सीमा से अधिक लेकिन निर्धारित अधिकतम सीमा के भीतर सामान ले जाने पर यात्रियों को अतिरिक्त सामान शुल्क देना होगा।
सामान के आकार को लेकर भी नियम
रेलवे ने सामान के आकार के लिए भी मानक तय किए हैं।
- सामान्य डिब्बों में: अधिकतम 100 × 60 × 25 सेंटीमीटर आकार का ट्रंक, सूटकेस या बॉक्स ले जाया जा सकता है।
- एसी 3-टियर और एसी चेयर कार: अधिकतम 55 × 45 × 22.5 सेंटीमीटर आकार का सामान ही ले जाने की अनुमति होगी।
रेलवे का मानना है कि ऑनलाइन लगेज बुकिंग सुविधा से यात्रियों का समय बचेगा, पार्सल कार्यालयों पर भीड़ कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व सुविधाजनक बनेगी।




